BLOGGER TEMPLATES - TWITTER BACKGROUNDS »

Thursday, October 29, 2009

apni baahon me mujhe bhar lene do baalam......


ये झुकी पलके , तन्हाई का आलम ,
मैं बहुत रोई , तुम कहाँ थे बालम !


 ये काली-काली रात , बेबसी का आलम ,
मैं बैठी अनछुई सी ,पास आजाओ बालम !

ये ठंडी-ठंडी रात ,बरसात का मौसम ,
अंखियों में नींद भरी सी , जाना न मुझे छोड़ बालम !

बेले की कलियाँ खिल जाने दो ,
मुझे इन फूलों से झगड़ जाने दो ,
कितने प्रश्नो को हल जाने दो ,
मुझे मत रोको बस , हस जाने दो !

बदली से चंदा को ऊपर आ जाने दो ,
घर के आगन में रौशनी आ जाने दो ,
ये कमरे का दरवाजा बंद कर लेने दो ,
घर के दीपक को जरा सो लेने दो !
13.jpg

ये सेज फूलो से सजा लेने दो ,
मुझको आँचल में खुशबुओं को भर लेने दो ,
आज मिटने दो हर अँधेरा दिल की गलिये से,
उनमे प्यार की ज्योति जल जाने दो !

ये अँधेरी काली रात ,तन्हाई का आलम ,
 तुझे जी भर के देख लेने दो साजन !
ये गोरी बाहें , मेहंदी रचे हाथ ,
इन बाहों में तुझे भर लेने दो बालम ! 

1 comments:

Unknown said...

Ek premika ki man ki bhasha ....
uske kuch sapne ..kuch abhilasha ....
kya chahti hai vo apne saajan se.....
bas ise hi apni tuti-futi bhasha me likhne ka gunaah kiya hai maine ....

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...